SIR, लोकतंत्र एवं संविधान की खूबसूरती पर भाजपा जिला प्रवक्ता नितेश साहू ने विद्यार्थियों से किया सार्थक संवाद
लोकतंत्र की मजबूती जागरूक नागरिकों से होती है, युवाओं को अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी बोध होना आवश्यक : नितेश साहू
दुर्ग।
स्व. पुकेश्वर सिंह भारदिया महाविद्यालय, निकुम्भ में “SIR एवं लोकतंत्र” विषय पर युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा जिला प्रवक्ता एवं अधिवक्ता नितेश साहू उपस्थित रहे। उन्होंने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ लोकतंत्र, भारतीय संविधान, SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) तथा देश की संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत, सारगर्भित एवं विचारोत्तेजक संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था, संवैधानिक मूल्यों एवं नागरिकों के अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना रहा।
अपने उद्बोधन में नितेश साहू ने भारतीय संविधान की विशेषताओं एवं उसकी खूबसूरती पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, सामाजिक न्याय, समानता, स्वतंत्रता एवं राष्ट्र की एकता का आधार है। संविधान प्रत्येक नागरिक को मौलिक अधिकार प्रदान करता है, लेकिन इन अधिकारों के साथ नागरिकों के कर्तव्य एवं जिम्मेदारियां भी जुड़ी हुई हैं। हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करना चाहिए। एक सशक्त लोकतंत्र तभी संभव है, जब नागरिक अपने अधिकारों और दायित्वों दोनों को समान रूप से समझें।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने, अपने विचार व्यक्त करने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करता है। संविधान की यही विशेषता भारत को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में गौरवान्वित करती है। संविधान के प्रति सम्मान, संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
SIR की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए नितेश साहू ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण एवं अद्यतन लोकतंत्र की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन व्यवस्था लोकतंत्र की आत्मा है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना तथा मतदाता सूची का सही एवं व्यवस्थित होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। युवाओं को निर्वाचन प्रक्रिया की वास्तविक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और किसी भी विषय पर बिना तथ्यों को समझे अपनी धारणा नहीं बनानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया। नितेश साहू ने बीच-बीच में छात्र-छात्राओं से संविधान, लोकतंत्र, SIR, मौलिक अधिकारों, नागरिक कर्तव्यों एवं संवैधानिक संस्थाओं से संबंधित प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्नों के उत्तर दिए और अपनी जिज्ञासाएं भी व्यक्त कीं। इस संवादात्मक शैली ने कार्यक्रम को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बनाया। छात्र-छात्राओं ने विषय पर सार्थक चर्चा करते हुए अपने विचार रखे, जिससे लोकतांत्रिक विषयों के प्रति उनकी समझ एवं जागरूकता सामने आई।
नितेश साहू ने देश की संवैधानिक संस्थाओं पर लगाए जा रहे आरोपों एवं उनके संबंध में फैलाए जा रहे भ्रम पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को प्राप्त है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाते समय तथ्यों, प्रमाणों एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं का ध्यान रखना आवश्यक है। राजनीतिक स्वार्थों के चलते यदि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता में अविश्वास उत्पन्न करने का प्रयास किया जाता है, तो इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है। युवाओं को किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से बचते हुए विषयों का निष्पक्ष अध्ययन करना चाहिए तथा तथ्यों के आधार पर अपनी राय बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज देश में कुछ राजनीतिक शक्तियां संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर तथा विभिन्न विषयों को लेकर भ्रम फैलाकर जनता को भटकाने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे समय में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। विद्यार्थियों को जागरूक रहकर समाज में सही जानकारी पहुंचाने तथा लोकतंत्र के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।
नितेश साहू ने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए कहा कि यह स्वामी विवेकानंद का देश है। उनके आदर्शों, विचारों एवं राष्ट्रभक्ति की भावना को आत्मसात कर हमें भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करना है। युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को अपने लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए, बल्कि शिक्षा, अनुशासन, संस्कार एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज और देश के विकास में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज का छात्र ही कल के देश का भविष्य है। यदि विद्यार्थी संविधान, लोकतंत्र एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे, तो आने वाला भारत और अधिक सशक्त, जागरूक एवं समृद्ध बनेगा। युवाओं को समाज में जागरूकता फैलाने, सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में नितेश साहू ने सभी छात्र-छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनने का आधार है। विद्यार्थियों को अपने ज्ञान, विवेक एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से समाज में परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य श्री डी.के. सर, श्री वेदप्रकाश ठाकुर सर, श्री चंद्रा सर सहित महाविद्यालय के अन्य व्याख्याता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती यादव मैडम द्वारा किया गया। युवा संवाद कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
