महंगाई पर तत्काल लगाम लगाए सरकार, त्योहारों से पहले आम जनता को राहत और तूफान से प्रभावित किसानों को मिले उचित मुआवजा दे-कुरैशी
सरकार से सवाल है कि जब जनता की आमदनी सीमित है तो लगातार बढ़ती कीमतों का बोझ आखिर आम आदमी कब तक उठाएगा? सरकार को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए
दुर्ग।
छत्तीसगढ़ के पूर्व राज्यमंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने, प्रदेश एवं देश में लगातार बढ़ती महंगाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से मांग की है कि आम जनता को राहत देने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। रसोई गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल, खाद्य तेल, दाल, सब्जियों सहित रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने गरीब, मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के अवसर पर भी महंगाई के कारण आम परिवार खुलकर खुशियां नहीं मना पा रहे हैं। सरकार से सवाल है कि जब जनता की आमदनी सीमित है तो लगातार बढ़ती कीमतों का बोझ आखिर आम आदमी कब तक उठाएगा? सरकार को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
कुरैशी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हाल ही में आए तूफान और खराब मौसम ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कई क्षेत्रों में धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। किसान पूरे साल मेहनत करके अपनी फसल तैयार करता है, लेकिन प्राकृतिक आपदा उसकी मेहनत पर पानी फेर देती है। ऐसे कठिन समय में किसानों को अकेला नहीं छोड़ा जा सकता। सरकार तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराए, नुकसान का सही आकलन करे और प्रभावित किसानों को बिना देरी उचित मुआवजा एवं आर्थिक सहायता प्रदान करे, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
कुरैशी ने, सरकार से पुरजोर मांग की है कि पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में तत्काल कमी लाने के लिए ठोस निर्णय लिए जाएं। गरीब परिवारों को राहत मिले और किसानों को उनकी बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाए। त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं, महंगाई और आर्थिक परेशानी बढ़ाने के लिए नहीं। सरकार को जनता की पीड़ा समझते हुए बिना विलंब राहत पहुंचानी चाहिए, ताकि आम नागरिक सम्मान और खुशी के साथ त्योहार मना सकें तथा किसान फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।