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जनपद पंचायत कोंटा में पीएम आवास योजना की समीक्षा बैठक

ग्राम विकास के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

Pradesh Prahari
22 Oct 2026 05:31 PM
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  सुकमा/ जिले में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और अंतिम छोर के हितग्राहियों तक उनका लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता से जुटा हुआ है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर ने जनपद पंचायत कोंटा में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की सघन समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि जनहितैषी योजनाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यों में लापरवाही बरतने के कारण ग्राम पंचायत गोंदपल्ली के सचिव श्री माड़वी हड़मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जिससे पंचायत विभाग में जवाबदेही का कड़ा संदेश गया है।

  समीक्षा बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने योजना के तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की सूक्ष्म पड़ताल की। उन्होंने हितग्राहियों को प्रथम किस्त का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर लिंकिंग तथा बैंक खातों के आधार प्रमाणीकरण की स्थिति का बिंदुवार जायजा लिया। सभी ग्राम पंचायत सचिवों से हितग्राहीवार प्रगति रिपोर्ट तलब की गई। इसके तुरंत बाद सीईओ ने जनपद पंचायत की आवास शाखा में पहुंचकर पोर्टल ऑपरेटर के माध्यम से बैंक खाते व आवश्यक विवरण को पोर्टल पर फ्रीज करने की प्रक्रिया की खुद निगरानी की और शाखाओं के व्यवस्थित संचालन हेतु कड़े निर्देश दिए।

  बैठक संपन्न होने के बाद सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर सीधे ढोंडरा ग्राम पंचायत पहुंचे, जहां उन्होंने धरातल पर चल रहे आवास निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन मकानों की गुणवत्ता और प्रगति को स्वयं परखा। मौके पर मौजूद पंचायत सचिव, आवास मित्रों और ग्राम रोजगार सहायकों को दो टूक हिदायत दी गई कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को समय-सीमा के भीतर उनके अपने पक्के आशियाने की सौगात मिल सके।

  ढोंडरा प्रवास के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्थानीय आजीविका और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित 'पंचायत कैफे' का भी मुआयना किया। उन्होंने कैफे की व्यवस्थाओं, स्वच्छता और सेवा स्तर को देखा तथा इसे और अधिक गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक एवं सुव्यवस्थित बनाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिससे यह ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर जन-सुविधा और आजीविका का सशक्त केंद्र बन सके।