बारिश की संभावना के बीच फसलों और पशुधन के संरक्षण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश
सुरक्षा के लिए मौसम विभाग ने जारी की विस्तृत एडवाइजरी
सुकमा/ किसानों की खुशहाली और फसलों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिक्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र (इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय), जगदलपुर और मौसम विभाग के सहयोग से प्रशासन ने सुकमा जिले के किसानों के लिए एक सामयिक व महत्वपूर्ण कृषि मौसम सलाह जारी की है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दिनों में जिले में हल्की से भारी वर्षा और गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने अग्रिम चेतावनी जारी की है, जिससे किसान भाई समय रहते अपनी फसलों की समुचित देखभाल कर संभावित नुकसान से पूरी तरह सुरक्षित रह सकें।
प्रशासन ने किसानों को सचेत करते हुए परामर्श दिया है कि मक्का, लघु धान्य, उड़द और कुल्थी जैसी तैयार फसलों की कटाई का कार्य केवल मौसम पूरी तरह साफ होने पर ही करें। धान की फसल में दाने भरते समय पानी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने तथा इस दौरान लगने वाले कीटों व रोगों (जैसे हरा माहु, पैनिकल माइट और तना छेदक) की समय पर पहचान कर अनुशंसित दवाओं के सही उपयोग की तकनीकी जानकारी भी साझा की गई है। इसके अतिरिक्त, वर्षा की स्थिति में किसी भी प्रकार के कीटनाशक या खरपतवारनाशक का छिड़काव न करने की हिदायत दी गई है।
रबी सीजन की अग्रिम तैयारी को गति देने के लिए प्रशासन ने फूलगोभी, ब्रोकली, चुकंदर सहित शीतकालीन सब्जियों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से शुरू करने और बीजों को कवकनाशी से उपचारित करने का आग्रह किया है। उतेरा फसल के इच्छुक किसानों को मौसम साफ रहने पर तिवरा व अलसी की बुवाई करने तथा लता वाली सब्जियों को मचान (स्टेकिंग) व केले के पौधों को बांस का सहारा देने के व्यावहारिक उपाय भी सुझाए गए हैं। अरहर की फसल में क्रांतिक अवस्थाओं पर सिंचाई व संतुलित उर्वरक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
खेती के साथ-साथ पशुधन के संरक्षण के लिए भी प्रशासन ने विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं, जिनमें नवजात बछड़ों को जन्म के दो घंटे के भीतर खीस पिलाने, पशुबाड़े में जल निकासी, स्वच्छता व ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की अपील की गई है। प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए सभी किसान भाइयों से 'मौसम सीजी' (मेघदूत) ऐप पर तुरंत पंजीकरण करने का आग्रह किया है, ताकि वे अपने मोबाइल पर ही दैनिक मौसम पूर्वानुमान और वैज्ञानिक कृषि सलाह प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकें।
