गायत्री शक्तिपीठ दुर्ग में अनुष्ठान की हुई पूर्णाहुति नि:शुल्क संस्कार भी संपन्न हुए
लगभग ढाई सौ परिजनों ने इस अवसर पर पांच कुंडीय यज्ञ मैं अपनी आहुतियां समर्पित की
दुर्ग। गायत्री शक्तिपीठ दुर्ग में आज रामनवमी के दिन सोमवार को बड़ी संख्या में 24 हजार का मंत्र जाप करने वाले अनुष्ठान कर्ताओ ने अपनी पूर्णाहुती पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दौरान संपन्न की, इस अवसर पर दो निशुल्क संस्कार संपन्न हुआ पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने जीवंत एवं प्राणवान आध्यात्म का स्वरूप प्रस्तुत किया, प्रत्येक कार्यकर्ता एवं पुरोहित को जप तप व्रत के अलावा अपना समय एवं,आय का एक अंश लोक कल्याण के लिए निकलना चाहिए, यही ऋषि संस्कृति है, ईश्वर के अनुदान केवल कर्मकांड के आधार पर नहीं व्यक्ति की सेवा एवं त्याग की पात्रता के अनुसार मिलते हैं, निष्ठावान परिजनों को उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने मे लगना चाहिये ,
लगभग ढाई सौ परिजनों ने इस अवसर पर पांच कुंडीय यज्ञ मैं अपनी आहुतियां समर्पित की यज्ञोपवीत संस्कार में भिक्षाटन का नियम अनिवार्य होता है और बटुक को यह सिखाया जाता है कि लोक कल्याण के लिए भिक्षा मांगना चाहिए और उसका पाइ पाई अंश लोक कल्याण के लिए नियोजित करना चाहिए । इस अवसर पर विशेष रूप से फाउंडर मेंबर राम लाल यादव ने उपस्थिती दी, प्रमुख ट्रस्टी अभय लाल धुर्वे, प्रेमीन आडिल, डॉ चंद्रकला खिचरिया रंजीत यादव, विनीता तिवारी, राम कुवर साहू,संजय वर्मा, अरुण वैद्य , कमला नेटे, प्रतिमा अग्रवाल सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने मिलकर सारी व्यवस्था बनाई लेखराम साहू की टीम ने वाद्य यंत्रों के साथ सस्वर मंत्रोच्चार करते हुए यज्ञ संपन्न कराया। यह जानकारी शक्तिपीठ के फाउंडर सदश्य धीरज लाल टांक ने दी।