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धमधा नाका ओवरब्रिज की जर्जर हालत और सड़कों के निर्माण में देरी पर अरुण वोरा ने जताई चिंता,

58 करोड़ रुपये की स्वीकृति से बढ़कर लगभग 110 करोड़ रुपये पहुंचा अनुमानित खर्च

Pradesh Prahari
24 Oct 2026 03:06 PM
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दुर्ग। शहर के धमधा नाका स्थित रेलवे ओवरब्रिज की जर्जर स्थिति और शहर की प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों में हो रही देरी को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक श्री अरुण वोरा ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से मुलाकात कर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ओवरब्रिज की वर्तमान स्थिति, मरम्मत की आवश्यकता तथा महाराजा चौक से बोरसी और जेल चौक से मिनीमाता चौक, पुलगांव तक सड़क निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।

*लगभग 40 वर्ष पुराने ओवरब्रिज के रखरखाव पर उठाए सवाल*

धमधा नाका रेलवे ओवरब्रिज लगभग चार दशक पुराना है। इसका उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा एवं तत्कालीन रेल मंत्री माधवराव सिंधिया द्वारा किया गया था। वर्तमान में ओवरब्रिज की जर्जर स्थिति को देखते हुए इसकी सुरक्षा और मरम्मत का मुद्दा महत्वपूर्ण हो गया है।

अरुण वोरा ने अधिकारियों से ओवरब्रिज की वास्तविक स्थिति का तकनीकी निरीक्षण कराने तथा आवश्यकतानुसार मरम्मत के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि यह ओवरब्रिज दुर्ग शहर के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। ऐसे में इसकी स्थिति की अनदेखी करना नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है. 

 

ओवरब्रिज से जुड़े प्रस्ताव और लागत का उल्लेख करते हुए अरुण वोरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2020 में इस ब्रिज परियोजना के लिए लगभग 58 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी। अब इसकी अनुमानित लागत बढ़कर लगभग 110 करोड़ रुपये होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में परियोजना की वर्तमान स्थिति, लागत में वृद्धि और आवश्यक कार्यों को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए, ताकि निर्माण एवं रखरखाव से जुड़े विषयों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

*महाराजा चौक-बोरसी और जेल चौक-मिनीमाता चौक सड़क निर्माण में देरी से बढ़ रही परेशानी*

अरुण वोरा ने महाराजा चौक से बोरसी तक तथा जेल चौक से मिनीमाता चौक, पुलगांव तक फोरलेन सड़क निर्माण कार्यों में पिछले 4 से 5 महीनों से हो रही देरी पर भी चिंता जताई। निर्माण कार्यों और सड़क बंद होने के कारण आम नागरिकों, व्यापारियों तथा रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि दीपावली सहित प्रमुख त्योहारों के दौरान इन मार्गों पर यातायात का दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे समय में सड़कों का लंबे समय तक बंद रहना और निर्माण कार्यों में देरी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। इन मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, इसलिए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बेहद जरूरी है।

*समय रहते कार्रवाई जरूरी, दुर्घटना की आशंका को नजरअंदाज न करे विभाग*

अरुण वोरा ने कहा कि जर्जर ओवरब्रिज और निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि समय रहते आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा संबंधी उपाय नहीं किए गए, तो किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने PWD अधिकारियों से ओवरब्रिज का तकनीकी निरीक्षण कराने, आवश्यक मरम्मत कार्य को प्राथमिकता देने तथा दोनों प्रमुख सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने की मांग की। साथ ही निर्माण कार्यों के दौरान नागरिकों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के लिए उचित यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधाएं देना है। इसलिए जरूरी है कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरे हों और नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।