डंके की चोट पर चल रहा मिलावट का कारोबार
त्यौहार पर महंगाई की मार, हाथ पर हाथ धरे बैठी है सरकार- जंघेल
दुर्ग। ऐन दीपावली पर्व के पूर्व बाजार में आग लग गई है। चावल, दाल, आटा, तेल और शक्कर सहित सभी दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। त्यौहार पर महंगाई की मार से आम आदमी का घरेलू बजट गड़बड़ा रहा है। खाने पीने की वस्तुओं पर ही हर परिवार को हर माह एक से डेढ़ हजार रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। वही दूसरी ओर खाद्य पदार्थों में मिलावट का कारोबार भी डंके की चोट पर चल रहा है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठकर तमाशा देख रही है। लगता है उसे महंगाई की मार से आहत जनता से कोई सरोकार ही नहीं है। उक्ताशय के आरोप लगाते हुए दुर्ग नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष देवकुमार जंघेल ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि सबसे हैरत की बात तो यह है कि धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में चावल के दाम में ही प्रति किलो 30 रुपये तक की वृद्धि हो गई है। वहीं सर्वाधिक उपयोग में आने वाली अरहर दाल के दाम पचास रुपये प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। मसूर, मूंग और चना दाल के भाव भी आसमान छू रहे हैं। शक्कर अलग कड़वी हो गई है। शक्कर पचपन से साठ रुपये किलो बिक रही है। फल्ली और सरसों तेल की कीमतों में भी बेतहाशा बढौतरी हो गई है। वही आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने शासन प्रशासन कोई पहल नहीं कर रहा है और न ही मिलावट रोकने कड़े कदम उठाए जा रहे है। इससे स्पष्ट है कि सरकार की मिलीभगत से ही यह लूट का बाजार गर्म हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दाम बांधने और मिलावट रोकने सरकार ने कारगर कदम नहीं उठाए तो जनहित से जुड़े इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस जन आंदोलन पर बाध्य होंगे।